वाराणसी। मेट्रो कॉरिडोर की डीपीआर केंद्र सरकार के वापस करने के बाद काशी में मेट्रो दौड़ाने की फिर उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने डीपीआर में आंशिक संशोधन कर उसे दोबारा भेजने के निर्देश वाराणसी विकास प्राधिकरण को दिए हैं। वीडीए अब लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ मिलकर कुछ बदलाव कर इसे प्रदेश सरकार के माध्यम से दोबारा केंद्र को भेजेगा।
शहर में बीएचयू से भेल (शिवपुर) और बेनियाबाग से सारनाथ तक मेट्रो की डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजी गई थी। लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने और रखरखाव के लिए पर्याप्त आय न होने के आकलन के कारण कई बार मंथन के बाद इसे केंद्र ने वापस लौटा दिया था। अब वीडीए के अधिकारी 29 किमी लंबी इस मेट्रो रेल परियोजना के स्टेशनों को उन स्थानों से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार करेंगे जहां से अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें और यात्रा कर सकें ताकि अधिक राजस्व मिले। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने बताया कि जल्द ही डीपीआर में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि केंद्र की हरी झंडी के बाद काम शुरू हो सके।