वाराणसी। कांग्रेेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इंदिरा गांधी में अद्भुत नेतृत्व क्षमता थी। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने कभी देश का सिर झुकने नहीं दिया। अपनी हिम्मत और संघर्ष से उन्होंने भारत को दुनिया के मजबूत देशों की कतार में खड़ा किया। वह सोमवार को रामनाथ शोध संस्थान में आयोजित इंदिरा गांधी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
गुलाम नबी ने कहा कि संगठन और सरकार चलाने की जो काबिलियत इंदिरा में थी, उससे सीख लेनी की जरूरत है। आज देश की एकता और अखंडता खतरे में है। फिर से जागने और देश की जनता को जगाने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नेहरू और इंदिरा के इतिहास को पढ़ने और संगठन को मजबूत बनाने की नसीहत दी। कहा कि आज जरूरत है कांग्रेस के राजनीतिक वरासत को जिंदा रखने की। अपने लिए, जनता के लिए और देश के लिए। तभी भारत विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
जेएनयू के प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी में दृढ़ इच्छाशक्ति और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता थी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी। कहा कि इंदिरा गांधी भारत भावना को समझती थीं, जिसे पार्टी नेताओं को भी जानना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पं. जवाहर लाल नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया को पढ़ें, यही पहला अध्याय है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि देश में छद्म राष्ट्रवाद चल रहा है। सेवा और स्वार्थ को समझना होगा और कुर्बानी देनी होगी, तभी देश मजबूत होगा। यह काम इंदिरा गांधी ने किया, जिसका अनुसरण करने की जरूरत है। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पूर्वांचल की धरती से कांग्रेस इतिहास लिखेगी। पीएल पुनिया ने कहा कि इंदिरा गांधी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। संचालन प्रो. सतीश राय ने किया। समारोह में सांसद डॉ. संजय सिंह, राणा गोस्वामी, अरुण सिंह मुन्ना, पूर्व विधायक अजय राय, ललितेश पति त्रिपाठी, महेश सिंह, वीरेंद्र कपूर, सतीश चौबे, राम सुधार मिश्र और शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।