आरोप है कि वह घर पर जेवर दिखाने की बात कहकर दुकान से करीब 20 ग्राम वजन की सोने की सिकड़ी, सुई-धागा और लॉकेट ले गया। इनकी कीमत करीब 2.75 लाख रुपये बताई गई है।
तेजापुर में मिठाई की दुकान चलाने वाले राहुल मोदनवाल ने बताया कि कन्हैया अक्सर उनकी दुकान पर बैठता था। उसने जेवर बनवाने की बात कही और उनसे 15-15 ग्राम की दो सोने की चेन ले लीं। दोनों चेन की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है।
आरोप है कि कन्हैया ने 10 दिन में जेवर वापस करने का भरोसा दिया था, लेकिन रक्षाबंधन के बाद उसका कोई पता नहीं चल रहा है। तेजापुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने पत्नी के कान के टूटे जेवर और पायल बनवाने के लिए कन्हैया को दिए थे। तय समय पर जेवर वापस नहीं मिले। संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल बंद मिला।
दो साल से किराये पर रहकर बढ़ाया था संपर्क
अतरौलिया। कन्हैया पिछले करीब दो वर्षों से तेजापुर में किराये पर रहकर ग्राम गोल्ड और बर्तन का काम करता था। इसी दौरान उसने क्षेत्र के कई व्यापारियों और लोगों से संपर्क बढ़ाया और उनका विश्वास हासिल किया। आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर वह लोगों से जेवरात और नकदी लेता रहा। मामला सामने आने के बाद पीड़ितों ने कन्हैया की तलाश शुरू की। कटेहरी स्थित उसके पैतृक आवास के अलावा अल्लीपुर (निजामाबाद) स्थित ससुराल और बुआ के घर पर भी तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। उसका भाई मोनू भी भागा हुआ है।
पकड़वाने वाले को 50 हजार इनाम की घोषणा
पीड़ित व्यापारियों का आरोप है कि दोनों भाइयों ने क्षेत्र के करीब 18 लोगों से लगभग 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी हड़प ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पीड़ितों की ओर से उन्हें पकड़वाने अथवा पुलिस तक पहुंचाने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये तथा उनके ठिकाने की सही जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की गई है। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि मामला करीब दो वर्षों से चले आ रहे लेनदेन से जुड़ा है। वर्तमान में आरोपी फरार हैं। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजकर आवश्यक अनुमति ली जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।