वाराणसी। लोकतंत्र का महापर्व अपने अंतिम पड़ाव पर आ चुका है। अंतिम चरण में 19 मई को काशी समेत आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होगा। रविवार को ज्येष्ठ मास का प्रारंभ भी हो रहा है। वामन पुराण के अनुसार, इस मास में दान का महत्व बहुत ही अधिक है। ऐसे में काशी वासियों को लोकतंत्र के महापर्व में दुर्लभ संयोग में मतदान करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
बीएचयू ज्योतिष विभाग के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि 19 मई को पूरे दिन अनुराधा नक्षत्र है, जिसके स्वामी ‘मित्रदेव’ हैं। यह नक्षत्र स्वयं मतदान करने के साथ ही मित्रों को भी मतदान करने के लिए प्रेरित करने जैसा संदेश दे रहा है। दिन में 1 बजकर 37 मिनट से ‘शिव’ योग लग रहा है। यह कल्याण कारक और सफलतादायक योग होता है। इसलिए अधिक से अधिक मतदान करना चाहिए।
रविवार को पूरे दिन प्रतिपदा तिथि है। इसे प्रथमा तिथि भी कहते हैं। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को चंद्र पूर्ण होता है। प्रति का अर्थ है सामने और पदा का अर्थ है पग बढ़ाना। यह तिथि काशी के मतदाताओं को पोलिंग बूथ की तरफ पग बढ़ाकर मतदान करने का संकेत दे रही है। प्रतिपदा को नंदा तिथि भी कहा गया है, नंदा अर्थात् आनंद देने वाली तिथि है।