वाराणसी। राष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षा बोर्ड के तत्वावधान में वरुणा पुल कचहरी स्थित अडिग सभागार में रविवार को रावण महोत्सव का आयोजन किया गया। शुभारंभ आचार्य शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी और चपाचप बनारसी अजीत कुमार श्रीवास्तव द्वारा रावण रचित शिव तांडव की प्रस्तुति से किया गया। कवि नरेंद्र नाथ दूबे अडिग और डॉ. सुदर्शन त्रिपाठी ने कहा कि रावण महापंडित था। रावण के साथ राजनीति न हुई होती तो आज उसकी पूजा होती। संदीप मौर्य ग्रुप द्वारा नृत्य और अनुज दूबे गायक ग्रुप के पवन चौबे, पंडित सिंधु कुमार दुबे ने भोजपुरी में गायन प्रस्तुत किया। चंद्र कुमार, राम प्रवेश तिवारी, शम्भूनाथ उपाध्याय, राज कुमार जायसवाल, पवन श्रीवास्तव, सावित्री देवी, चिन्तित बनारसी, चौधरी कैलाश सिंह, ध्रुव दुबे, शहजादे आदि ने अपनी-अपनी भावनाएं प्रस्तुत किया। अध्यक्षता जगतगुरू पीठाधीश्वर स्वामी धर्मदास महराज ने किया।
कवियों का सम्मान आठ को
वाराणसी। वरुणा पुल स्थित अडिग सभागार में आठ जनवरी को नया सप्तक के शीर्षस्थ कवियों का सम्मान किया जाएगा। कवि अजीत श्रीवास्तव ‘चपाचप’ के 64वें जन्मदिन पर यह आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर पूर्वांचल, धूमिल और कवि अजीत श्रीवास्तव विषयक चर्चा और विराट कवि-कवयित्री सम्मेलन का भी दोपहर एक बजे से आयोजन किया जाएगा।