वाराणसी। बीएचयू में एक सप्ताह के भीतर कुछ प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की संभावना है। इसके तहत जहां चार संस्थानों में स्थायी निदेशकों की तैनाती हो सकती है, वहीं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के पद को लेकर भी नई घोषणा होने की चर्चाएं हैं। नई दिल्ली में 14 जुलाई को होने वाली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में इस तरह के कई प्रस्तावों पर मुहर लगने के बाद बदलाव होना लगभग तय माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के कार्यकाल की यह पहली कार्यकारिणी परिषद की बैठक होगी, जिसमें कई अहम फैसले होने की संभावना है। इसके पहले पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में 26 सितंबर को आखिरी बैठक हुई थी। सूत्रों की माने तो इस समय विश्वविद्यालय में पांच संस्थान (चिकित्सा विज्ञान संस्थान, कृषि विज्ञान संस्थान, विज्ञान संस्थान, प्रबंध अध्ययन संस्थान और पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान) हैं। इसमें चिकित्सा विज्ञान को छोड़ कहीं भी स्थायी निदेशक नहीं है। अब इंडिया इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में 14 को होने वाली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में इस पर अहम फैसला होना है। चर्चा तो इस बात की भी है कि इसके लिए संस्थानों से प्रोफेसरों का बायोडाटा भी मांगा जा चुका है। इसके अलावा सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पद के साथ ही आईएमएस में एम्स जैसी सुविधाओं आदि मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना है।