हरहुआ। शराब एक महामारी का रूप लेता जा रहा है जिसकी चपेट में पूरा समाज आ रहा है। शराब रूपी डायन अंदर ही अंदर खोखला कर रही है। महिलाएं अपने शराबी पति से त्रस्त हैं। उसे जीवंत करने के लिए जन विकास समिति मुर्दहा के बैनर तले शनिवार को हरहुआ विकास खंड मुख्यालय से सैकड़ों महिलाओं ने रैली निकाली। रैली के माध्यम से शराब के खिलाफ आवाज बुलंद की।
फादर एलेक्स ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लड़ाई लड़ने के लिए अपने संगठन को मजबूत करना होगा। समूहों को सशक्त करना होगा। भारत के विकास की नींव महिलाओं के कंधे पर है। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने नशा मुक्त समाज पर नुक्कड़ नाटक नशेबजवा के औरत सदा दुखिया प्रस्तुत कीं जो लोगों पर अमिट छाप छोड़ गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की। कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को जानना बहुत जरूरी है। खंड विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह ने कहा कि जितने भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, महिलाओं के योगदान के बिना संभव नही था। किसी सामाजिक संरचना के लिये वगैर आप की सहयोग के कल्पना नहीं की जा सकती। दशनीपुर की महिलाओं ने नशा मुक्ति के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत की। तोहरे फिकर में भईली गलल बतासा नशा छोड़बा कि ना ने काफी प्रभावित किया। सिस्टर प्रभा, अभिषेक मिश्रा, रविन्द्र यादव, अमित सोनकर सहायक प्रबंधक यूबीआई, फादर चेतन, सिस्टर अंजलिका, संजय, पूजा देवी, हेमलता देवी, फादर अमरनाथ, गीता देवी, प्रीति सिंह आदि ने सहयोग प्रदान किया। संचालन जड़ावती देवी एवं सुभावती देवी ने किया।