वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा हर हाल में कड़ाई से नकल विहीन कराई जाएगी। इसके लिए उड़ाका दल और सचल दस्तों के साथ ही अब आंतरिक निरीक्षण दस्ते का भी गठन किया जाएगा। जहां स्वकेंद्र की सुविधा है वहां नकल रोकने के लिए बाहरी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किए जाएंगे।
परीक्षा केंद्रों में नकल सामग्री न पहुंचे इसके लिए बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आंतरिक निरीक्षण दस्ते का गठन करने का निर्देश दिए हैं। परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश के पहले ही प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की व्यापक रूप से तलाशी ली जाए। इसके लिए विद्यालय व केंद्र अध्यापकों का एक आंतरिक निरीक्षण दस्ता बनाया जाएगा। तीन सदस्यीय ये दस्ता परीक्षार्थियों की कड़ी तलाशी लेगा। इन दस्ते के सदस्यों को कक्ष निरीक्षक के बराबर पारिश्रमिक देय होगा। क्षेत्रीय सचिव सतीश सिंह का कहना है कि नकल रोकने का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जिस परीक्षा केंद्रा पर निरीक्षण के अनियमितता पाई गई तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक को हटाकर वहां राजकीय या सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य व वरिष्ठ अध्यापक को सह केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया जाएगा। बालिकाओं के लिए महिला निरीक्षण दल का गठन किया जाएगा।