वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के अगले शंकराचार्य के चयन को लेकर मची खींचतान के बीच इस पद के लिए संन्यासियों के नामों के प्रस्ताव आने लगे हैं। भारत धर्म महामंडल के एक धड़े ने जहां द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का इस पीठ पर अभिषेक कराने का प्रस्ताव पारित किया है, वहीं सात दिसंबर को दूसरे धड़े की मंत्री सभा की बैठक में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के नाम पर सहमति बनाने की तैयारी की जा रही है।
रविवार को स्वामी निश्चलानंद से भारत धर्म महामंडल के जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय ने फोन पर बात भी की। उन्होंने ज्योतिष्पीठ पर निश्चलानंद का नाम प्रस्तावित किए जाने की अटकलों को स्वीकार किया लेकिन कहा कि अभी ऐसा नहीं है। गुजरात के आणंद से भी एक संन्यासी ने दोपहर बाद ज्योतिष्पीठ पर अपनी दावेदारी पेश की है।
भारत धर्म महामंडल को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर नामित करने के लिए अब तक 17 संन्यासियों के नाम मिले हैं। इनमें से दो संस्थाओं ने स्वामी स्वरूपानंद का ही नाम प्रस्तावित किया है। चित्रकूट के स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने हाईकोर्ट की ओर से अयोग्य घोषित किए गए स्वामी वासुदेवानंद के नाम का प्रस्ताव भेजा है। शृंगेरी के शंकराचार्य भारती तीर्थ महाराज ने भी धर्म महामंडल के पदाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर निष्पक्ष चयन प्रक्रिया अपनाने को कहा है।
उधर, भारत धर्म महामंडल के एक धड़े की ओर से स्वामी स्वरूपानंद के नाम का प्रस्ताव मंत्री सभा में पारित करने के बाद दूसरे धड़े की ओर से इसका जवाब देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। जनरल सेक्रेटरी ने पिछले 24 घंटे के दौरान पुरी के शंकराचार्य से फोन पर दो बार वार्ता की। रविवार की शाम भी जनरल सेक्रेटरी ने उनसे बात कर चयन प्रक्रिया पर सुझाव मांगे। महामंडल के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. दयानिधि मिश्र ने भी योग्य संन्यासी के नाम के चयन को लेकर पदाधिकारियों से वार्ता की। कहा जा रहा है कि दूसरा धड़ा सात दिसंबर को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के तौर पर पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद के नाम का प्रस्ताव ला सकता है।