वाराणसी। जुलाई से स्कूल में शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र के मद्देनजर मंगलवार को विशाल भारत संस्थान परिसर में बाल संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। संसद में इस बात पर चर्चा हुई कि घरों में बच्चों के नए सत्र को लेकर तैयारियां तो शुरू हो गई हैं लेकिन एक बड़ा वर्ग है जहां बच्चे स्कूल नहीं जाते। कूड़ा बीनने वाले, गरीब बुनकर के बच्चे, नट व कुरैशी समुदाय के बच्चे स्कूल जाने का सिर्फ सपना देख रहे हैं। ऐसे बच्चों की पढ़ाई के लिए बाल संसद आगे आया है। इसी के मद्देनजर सदन में स्कूल पहुंचाओ अभियान का प्रस्ताव रखा गया जिसे सभी ने सर्वसम्मति से पास कर दिया।
बेटियों की शिक्षा पर भी हंगामा भी हुआ। बाल सांसद उजाला ने बताया कि फीस वृद्धि के चलते बेटियों का स्कूल छुड़वाया जा रहा है। स्पीकर खुशी रमन ने कहा कि सभी सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के बच्चों को स्कूल पहुंचाने का काम करेंगे। जिस क्षेत्र में सबसे अधिक बच्चे स्कूल पहुंचाए जाएंगे उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद घोषित किया जाएगा। इस अवसर पर सौ बच्चों को वेस्टर्न यूनियन एवं ट्रांसकार्प इंटरनेशनल की ओर से स्कूल बैग, कॉपी-किताब बांटे गए। जोनल हेड रंजन सिन्हा व नाजनीन अंसारी ने स्कूल पहुंचाओ अभियान का पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. राजीव श्रीवास्तव, कपिल गुरनानी, पं. ऋषि द्विवेदी, विकास पांडेय, उमा सिंह, पूनम सिंह, अर्चना, कशिश, दक्षिता, शिवेंद्र, तबरेज, नजमा, डॉ. मृदुला आदि मौजूद रहे।