श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
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भक्तगण दर्शन के साथ ही बाबा को दूध-जल भी अर्पित कर सकते हैं लेकिन किसी भी विग्रह के स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि 170 दिनों के बाद भक्तों को बाबा के गर्भगृह में प्रवेश और शिवलिंग पर सीधे जल-चढ़ाने का सौभाग्य मिला है। मंदिर के कपाट लॉकडाउन में 80 दिनों के बाद जून में खुले थे, तबसे भक्त बाबा के झांकी-दर्शन कर रहे थे।