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आध्यात्मिक ज्ञान के लिए सारनाथ पहुंचे करमापा

Sat, 21 Feb 2015 02:01 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। करयुद्ध संप्रदाय के 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे शुक्रवार को सारनाथ प्रवास के लिए वाराणसी पहुंचे। इस दौरान करमापा का परंपरागत ढंग से भव्य स्वागत किया गया।
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देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने करमापा का दर्शन-पूजन किया। करमापा करीब पखवारे भर तक सारनाथ में रुकेंगे और अपने गुरु थंगू रिंग पोंछे से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के साथ ही विश्व शांति के लिए पूजा-अर्चना करेंगे।
बोध गया से दिल्ली होते हुए बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे करमापा के दर्शन के लिए सारनाथ स्थित वज्र विद्या संस्थान में दोपहर से ही भक्त कतारबद्ध होकर राह निहारते रहे। करमापा के विशेष सुरक्षाकर्मी व्यवस्था का जायजा लेते रहे। पूरे परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया था।
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 हूटर गूंजने के साथ जैसे ही बाबतपुर से करमापा के सारनाथ आगमन का पता चला देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की आंखों में चमक  आ गई। करमापा की राह देख रहे नन्हे लामा भी उत्साहित हो उठे। करमापा की अगवानी परंपरागत तरीके से की गई। सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध श्रद्धालु हाथ में खाता लेकर उनका स्वागत कर रहे थे। परंपरागत वाद्य यंत्र ग्यालिन, रणतुंगा की धुन के बीच ध्वजा लिए अनुयायी करमापा के वाहन के आगे-आगे चल रहे थे।
 उनका वाहन संस्थान परिसर के मुख्य भवन के समक्ष आकर रुका। करमापा ने अंदर पहुंचकर बुद्ध प्रतिमा के सम्मुख दीप जलाया और खाता भेंट किया। ध्यान और पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद वह अपने कक्ष में चले गए। यहां करमापा का स्वागत उनके धर्म गुरु थंगू रिंग पोंछे ने किया। उनके दर्शन के लिए  कनाडा, यूएसए, नेपाल, चीन आदि देशों से अनुयायी यहां पहुंचे। करमापा संभवत: छह मार्च को यहां से धर्मशाला रवाना होंगे। सारनाथ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। चौकसी के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
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