वाराणसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वाराणसी के पूर्व सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को संबोधित पत्र में पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा को कम सीटें और पार्टी में अपमान का जिक्र है। भाजपा में टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार डॉ. जोशी की टिप्पणी सामने आई है। हालांकि इस वायरल पत्र का डॉ. जोशी के कार्यालय की ओर से इसका खंडन किया गया है।
लोकसभा चुनाव में टिकट से वंचित आडवाणी ने ब्लाग लिखकर अपना दर्द बयां किया था। अब 12 अप्रैल को लिखे गए डॉ. जोशी के वायरल पत्र में उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन से चुनाव लड़ने के दबाव, पिछली बैठक में चुप कराने की घटना और शत्रुघ्न सिन्हा व यशवंत सिन्हा के निर्णय की सराहना की है। पत्र में अंत में यह जिक्र है कि हो सकता है कि परिस्थितियां सार्वजनिक तौर पर मुझे अपने इस पत्र पर कायम भी ना रहने दें, मगर यह दस्तावेज मेरी गवाही होगी।