वाराणसी। मंडुवाडीह थाना के शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में छापेमारी कर गुरुवार की शाम क्राइम ब्रांच ने तीन किशोरियों और दो युवतियों को मुक्त कराया। इसके साथ ही उनसे जबरन देह व्यापार कराने के आरोप में दो महिलाओं और चार पुरुषों को गिरफ्तार किया। सभी छह आरोपियों से पूछताछ कर उनका नेटवर्क खंगाला जा रहा है। किशोरियों और युवतियों को मेडिकल मुआयना के लिए आशा ज्योति केंद्र भेजा गया है। इससे पहले छह मार्च को क्राइम ब्रांच की टीम ने शिवदासपुर में छापेमारी कर एक युवती को मुक्त कराया था।
प्रयागराज की संस्था फ्रीडम फर्म ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी को सूचना दी थी कि शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में किशोरियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। इस सूचना पर एसएसपी ने सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह की रेस्क्यू टीम गठित की। शाम के समय क्राइम ब्रांच ने शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में छापेमारी की। रेस्क्यू टीम में एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, घनश्याम वर्मा, रमेश तिवारी, सुनील राय और मंडुवाडीह थाने के कार्यवाहक प्रभारी राघवेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
लीक हो गई सूचना, बंद था शटर
संस्था की सूचना पर क्राइम ब्रांच छापेमारी करने गई लेकिन इसकी सूचना पहले ही लीक हो गई थी। जिस मकान में छापेमारी करना था उसका शटर बंद मिला। इस दौरान एक और मकान का शटर बंद रहा। कई बार खटखटाने के बाद भी अंदर से यही आवाज आती रही कि नमाज पढ़ रही हूं। आखिरकार जब शटर खुला तो दो पुरुष पकड़े गए। एक मकान का दरवाजा र्कई बार खटखटाने के बाद भी नहीं खुला।
संस्था की सदस्य को संदिग्ध समझ पकड़ने दौड़े
फ्रीडम फर्म संस्था के लोग क्राइम ब्रांच की टीम के साथ छापेमारी में साथ मौजूद थे। इस दौरान एक मकान के पीछे का दरवाजा खुलवा रही संस्था की एक महिला सदस्य को संदिग्ध समझ कर लोग पकड़ने दौड़े। हालांकि तब तक अन्य लोगों ने उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया।
पहले मारापीटा, अब आदत सी पड़ गई है
शिवदासपुर की रेड लाइट एरिया से मुक्त कराई गई पांचों किशोरियों और युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि उनका घर कहां हैं और उनके परिजन कौन हैं। शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया कैसे पहुंची, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है। सभी का कहना था कि अब इस परिवेश में रहने की आदत सी पड़ गई है। अब हमें कौन अपनाएगा और हम कहां सुकून से रह पाएंगे।
मंडुवाडीह थाने में मुक्त कराई गई किशोरियों और युवतियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि शुरुआत में उन्हें देह व्यापार के लिए मारापीटा गया। प्रताड़ना दी गई और 24 घंटे निगरानी की जाती थी। धीरे-धीरे उन्होंने देेह व्यापार को ही अपनी नियति मान लिया और अब इससे कुछ अलग सोचती भी नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने पांचों को समझाया कि आशा ज्योति केंद्र में उनकी काउंसिलिंग कराई जाएगी। इसके बाद उनके रहने की व्यवस्था संवासिनी गृह या नारी निकेतन में कराई जाएगी। इसे लेकर पांचों के चेहरे पर किसी भी तरह से खुशी देखने को नहीं मिली। पांचों का कहना था कि देखते हैं कि हमें कितना अपनेपन के साथ समाज अपनाता है और कितने सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है।