कछवारोड । सेवापुरी ब्लाक के पूरे गांव स्थित बीती रात सिखड़ रजवाहा नहर टूटने से करीब पचास बीघा और चित्रसेनपुर गांव के पास करीब सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को काफी नुकसान हो गया। लोगों का कहना था कि पानी ओवरफलो होने से नहर टूट गई।
ज्ञानपुर नहर प्रखंड से क्षेत्र के हजारों एकड़ खेत की सिंचाई होती है। रविवार की रात पानी तेज गति से छोड़ने से पूरे गांव और चित्रसेनपुर गांव के पास नहर टूट गई। जानकारी होने पर किसान नहर बांधने में जुट गए। बावजूद करीब 150 बीघे फसल जलमग्न हो गई। इस बारे में नहर विभाग के जेई हरेंद्र यादव को जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि क्षेत्रीय मेट को भेजकर नहर दुरुस्त कराई जाएगी। ग्राम प्रधान सुबास मौर्य ने किसानों के नुकसान की जानकारी उपजिलाधिकारी राजातालाब को दी। इस पर लेखपाल मौके पर पहुंचे और क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया। जलभराव के चलते फसल नुकसान होने वाले किसानों में रामापति, भुल्लन, दुर्गा, भोलेनाथ, लोलारक, जंगबहादुर, ननकू, मुनीब, उमा शंकर प्यारेलाल, शंकर, दूधनाथ, पंचम सहित कई किसान शामिल हैं।
शारदा सहाय नहर प्रखंड
दानगंज। शारदा सहाय नहर प्रखंड की नहर में जनवरी माह में भी पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। इस पर विधायक अजगरा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नहर में पानी की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द नहर में पानी नहीं आया तो विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे। चोलापुर ब्लाक के दानगंज माइनर शारदा सहाय की नहर में एक साल से पानी नहीं आया है। इससे धान की फसल बर्बाद हो गई। अब गेहूं की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है।
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने आरोप लगाया है किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार नहर में पानी भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। क्षेत्र के दानगंज, सुल्तानीपुर, रसडा, मंगोलेपुर, लखनपुर, सुआरी, बंतरी, उधोरामपुर माइनरों में पानी अब तक नहीं आया। विधायक अजगरा कैलाश नाथ सोनकर ने बताया कि सात दिन पूर्व प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग से नहर में पानी छोड़ने की मांग की गई है। उन्होंने तीन दिन के भीतर पानी देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे।