वाराणसी। वीडीए की सीमा में आने वाले शहर और बाहरी हिस्सों में अवैध कॉलोनियां बसाने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई जल्द ही फिर शुरू होगी। वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने इसकी कार्ययोजना बनाई है। वीडीए के अप्रूवल और लेआउट पास कराए बिना प्लाटिंग और आवासीय योजनाएं शुरू करने वाले बिल्डरों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सिलसिलेवार कार्रवाई होगी। साथ ही, आम जनता को भी जागरूक किया जाएगा कि वे किसी बिल्डर के झांसे में न आएं। किसी भी आवासीय योजना या फिर भू खंड की खरीद से पहले वीडीए से उस बारे में समुचित तहकीकात कर लें। जागरूकता के लिए वीडीए की ओर से जगह-जगह होर्डिग्सि़ और बैनर लगवाए जाएंगे।
विकास प्राधिकरण प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों का विस्तार रोकने की रणनीति के तहत सभी जोनल अधिकारियों और अवर अभियंताओं की जिम्मेदारियां तय की हैं। वीडीए वीसी ने बताया कि सभी जोनल अधिकारी और अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्र की निगरानी सुनिश्चित कर अवैध निर्माणों की रिपोर्ट देंगे। समाचार पत्रों और स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारण के जरिए जनता को जागरूक किया जाएगा।
जहां भी अवैध कालोनियां विकसित हो रही हैं, आम जन उसकी जानकारी वीडीए को दे सकते हैं। वीडीए वीसी ने बताया कि सूचना देने वाली की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अक्सर डेवलपर्स और बिल्डर बगैर वीडीए से कॉलोनी या फिर मल्टी स्टोरी ग्रुप हाउसिंग अप्रूव्ड कराए बुकिंग शुरू कर देते हैं। लोग झांसे में आकर प्लाट और भवन खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें परेशान होना पड़ता है।
अवैध कॉलोनियों पर नजर रखने के लिए वीडीए ने अपनी प्रवर्तन टीम बनाई है। टीम प्रभारी की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता राजकुमार को दी गई है। इसके अलावा तहसीलदार अविनाश कुमार और सहायक अभियंता चंद्रभानू के अलावा 13 वार्ड के जेई इसमें शामिल हैं। वीसी ने बताया कि जोनल प्लान लेआउट का ही एक हिस्सा है। लैंड यूज के विपरीत बन रही कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने में खासी दिक्कत हो रही है। बिना अप्रूवल और लेआउट के निर्माण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।