वाराणसी। बाबा विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के विस्तारीकरण की योजना शासन की अनुमति के फेर में रुक गई हैं। इससे पिछले चार दिनों में होने वाली करीब आठ रजिस्ट्रियां अटकी हैं। ऐसे में यह योजना पिछले तीन चार दिनों से प्रभावित हो गई है। हालांकि जल्द ही शासन स्तर से भी अनुमति मिलने की संभावना है। इसके बाद विस्तारीकरण की योजना का कार्य तेज हो जाएगा।
बाबा विश्वनाथ मंदिर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर उनके दौरे के बाद तेजी आ गई थी। एक ओर जहां प्रदेश सरकार ने तत्काल 650 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी थी, वहीं मंदिर परिक्षेत्र को लेकर प्रतिदिन दो से तीन रजिस्ट्रियां भी की जा रही थीं। मंदिर परिक्षेत्र की सभी रजिस्ट्रियां राज्यपाल के नाम से हो रही थीं, लेकिन पैनल तय न होने के चलते बाद में कोई आपत्ति न हो इसलिए चार दिन पहले रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में पिछले चार दिन में आठ रजिस्ट्रियां नहीं हो पाई हैं। हालांकि 22 के बाद शासन स्तर से इस पर अनुमति मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद पूरी कार्रवाई तेजी से शुरू हो जाएगी। वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि शासन से पैनल तय करने के लिए अनुमति की मांग की गई है। इस पैनल में कौन-कौन अधिकारी रहेंगे, जो मंदिर परिक्षेत्र की रजिस्ट्रियों में शामिल होंगे। इस लिए यह कार्य प्रभावित हुआ हैं। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है।
मंदिर का होना है विस्तार
बाबा विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र को 25000 वर्ग मीटर में विस्तार और विकास करना है। इसके लिए कुल 166 मकानों को खरीदने की योजना है। अब तक इस योजना में कुल 37 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। इस कार्य को 20 अप्रैल तक पूरा करके आगे की विकास योजना भी तय करनी है। ऐसे में अधिकारी भी अनुमति का ही इंतजार कर रहे हैं।