वाराणसी। नवनिर्मित मंडुवाडीह-महमूरगंज आरओबी से आवागमन चालू होने से सहूलियत तो बढ़ी है लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की छोटी-छोटी खामियां राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन रही हैं। सड़क और आरओबी के ज्वाइंट्स की लेवलिंग कराई ही नहीं गई और लोकार्पण करा दिया गया। अब हालात ऐसे हैं कि 900 मीटर लंबे आरओबी के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में लोगों को 16 झटके खाने पड़ रहे हैं। हर ज्वाइंट पर तकरीबन एक फीट लंबाई में गैप है। सड़क ऊंची और ज्वाइंट वाली जगह नीची होने से दोपहिया-चारपहिया वाहन सवार झटके खाकर परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और बीमारों के आने-जाने में हो रही है।
मंडुवाडीह बाजार से महमूरगंज के बीच आरओबी पर कुल 16 जोड़ हैं। आरओबी सड़क का लेवल जोड़ से ऊपर है। हर जोड़ पर करीब एक फीट लंबाई में गैप है और यहां से वाहनों के गुजरने के दौरान जोर के झटके खाने पड़ रहे हैं। बाइक सवारों ने बताया कि जरा सी असावधानी पर झटका इतना तेज लग रहा है कि कमर टेढ़ी हो जा रही है। चार पहिया वाहन चालक भी झटके खाकर परेशान हैं। आरओबी का कुछ हिस्सा रेलवे और बाकी हिस्सा सेतु निगम ने बनाया है। फिनिशिंग की जिम्मेदारी भी सेतु निगम की थी लेकिन ज्वांइट्स और सड़क की लेवलिंग नहीं कराई गई। उधर, महमूरगंज की तरफ जाम की समस्या लगातार बने रहने से राहगीरों को दोहरी मुसीबत झेलनी पड़ रही है।