वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक करने वाले भारत धर्म महामंडल के धड़े ने सोमवार को बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। एक तरफ हवन होता रहा और दूसरी ओर गायत्री माता मंदिर में गणेश अथर्वशीष का सस्वर पाठ।
आहुति के बाद महामंडल के उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा करने वाली आध्यात्मिक संस्था को कुछ लोग कमजोर करने पर तुल गए हैं। उनको भगवान सद्बुद्धि दे। उन्होंने यज्ञ मंडप में नियमित हवन कराने की घोषणा की। उधर, महामंडल के चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने इस यज्ञ को नाटक बताया है। चीफ सेक्रेटरी ने दावा किया कि यज्ञ में शामिल लोग सुबह एक शवयात्रा में शामिल होकर लौटे थे। शवयात्रा में शामिल होने के बाद 24 घंटे तक किसी भी पूजा पाठ में हिस्सा नहीं लिया जा सकता।
शंकराचार्य चयन को लेकर महामंडल में मची उठापटक के बीच सोमवार की दोपहर लहुराबीर स्थित संत ज्ञानानंद की तपस्थली गायत्री माता मंदिर परिसर के यज्ञमंडप में 51 वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में बुद्धि शुद्धि यज्ञ हुआ। इस दौरान नवग्रह शांति के बाद आहुतियां दी गईं। आहुति देने वालों में सहायक मंत्री दिनेश मणि तिवारी, ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सत्येंद्र मिश्र, डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी, उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला समेत कई पदाधिकारी और कौंसिल के सदस्य शामिल थे।