वाराणसी। मधुमेह रोगियों के बेहतर इलाज के लिए बीएचयू काय चिकित्सा विभाग की ओर से खास पहल की गई है। संस्थान की ओर से अब 30 से 60 साल से मधुमेह रोगियों का नि:शुल्क इलाज किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें सीएसआईआर के लखनऊ स्थित एनबीआरआई और सीमैप में शोध पर आधारित आयुर्वेदिक दवा बीजीआर-34 का ट्रायल किया जाएगा। विभाग की ओर से क्लीनिकल ट्रायल ऐसे मरीजों पर किया जाएगा, जिनका फास्टिंग ब्लड सुगर 126-200 और पीपी शुगर 200-350 होगा।
बीएचयू सहित अन्य अस्पतालों में आने वाले मरीजों में औसतन डायबिटीज के मरीजों की संख्या अधिक रहती है। चिकित्सक ऐसे मरीजों को संतुलित खान-पान के साथ ही नियमित व्यायाम की सलाह तो देते हैं साथ ही दवाओं के प्रति ऐसे मरीजों को सावधानी बरतनी होती है। बीएचयू काय चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. जेएस त्रिपाठी के नेतृत्व में क्लीनिकल ट्रायल की योजना के तहत समय-समय पर ऐसे मरीजों का नि:शुल्क परीक्षण करने का फैसला लिया गया है। विभाग की ओर से 9 से 14 अक्तूबर तक चलने वाले ट्रायल के लिए संबंधित मरीज पंजीकरण कराकर इसका लाभ उठा सकेंगे। हालांकि ऐसे मरीजों के उपर उनकी सहमति के बाद ही नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और दवा दी जाएगी।