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काशी विद्यापीठ में बैक पेपर की सुविधा बहाल

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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दो शैक्षणिक सत्र के लिए बैक पेपर की सुविधा बहाल कर दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 और 2018-19 तक विद्यार्थियों को बैक पेपर की सुविधा मिलेगी। इसके बाद इस व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा। ये फैसला बुधवार को कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बता दें कि बैक पेपर की सुविधा काशी विद्यापीठ ने समाप्त कर दी थी। इसके विरोध में विश्वविद्यालय के छात्र लामबंद हो गए थे। तीन दिनों तक उन्होंने प्रशासनिक भवन पर अनशन भी किया था।
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उधर बुधवार को ही हुई प्रवेश समिति की बैठक में विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया के मद्देनजर अहम फैसले हुए। दाखिले के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप की जांच के लिए समिति ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति एलएलबी, एमएड, एमए मासकॉम और पीजी डिप्लोमा इन नैचुरोपैथी एंड योग की प्रवेश परीक्षाओं की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इन पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जांच समिति में प्रो. नंदलाल, प्रो. ओम प्रकाश सिंह, उप कुलसचिव व्यास मुनि सिंह और बाह्य सदस्य के तौर पर बीएचयू के एक प्रोफेसर को शामिल किया गया है। बता दें कि एलएलबी समेत चार विषयों की प्रवेश परीक्षा में नकल और गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। समिति ने विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया को 30 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जल्द से जल्द काउंसलिंग की तिथि घोषित करने को कहा गया है। संभावना है कि काउंसलिंग की तिथि एक या दो दिन में घोषित कर दी जाएगी। बैठक में कुलसचिव ओम प्रकाश, परीक्षा नियंता डॉ. सुरेंद्र नाथ सिंह, चीफ प्राक्टर प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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