वाराणसी। प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमोशन का मुद्दा रविवार को कार्य परिषद सदस्यों ने कुलाधिपति के सामने से उठाया। कुलाधिपति रामनाइक से मुलाकात के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के सदस्यों ने कामकाज में आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया।
कुलाधिपति को दिए मांग पत्र में सदस्यों ने बताया कि लंबे समय से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति, प्रमोशन का मामला लटका पड़ा है। कई बार मांग करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह भी कहा कि जो अभ्यर्थी यूजीसी की न्यूनतम अर्हता रखते हैं, उन्हें साक्षात्कार में बुलाना चाहिए। आर्थिक आधार पर दस फीसदी आरक्षण लागू कर नियुक्ति की प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करा ली जाए। इस दौरान कार्यपरिषद और विद्यापीठ की बैठक हर तीन महीने में एक बार बुलाने, इसकी सूचना सप्ताह भर पहले देने की मांग के साथ ही स्ववित्तपोषित कॉलेजों के शिक्षकों को कार्यपरिषद में प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की मांग की। सदस्यों का दावा है कि इस दौरान कुलाधिपति ने उनके मामलों पर नियमानुसार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान डॉ. दीनानाथ सिंह व डॉ. हरिहर प्रसाद सिंह, प्रो. पीएन सिंह प्रो. पीके दीक्षित, प्रो. अरविंद कुमार मिश्र, डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, डॉ. ओपी चौधरी और डॉ. रामजी पाठक मौजूद रहे।