वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक और जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में डॉक्टरों के केबिन में दवा लिखते हुए दो दलालों को रंगे हाथ पकड़ा गया। दोनों दलालों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई गई। पूरे मामले की जांच पुलिस को सौंपी गई है।
शुक्रवार को नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक पंकज कुमार, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी और सीएमओ डॉ. वीबी सिंह दीनदयाल अस्पताल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान चिकित्सक डॉ. एसके राय और डॉ. सत्यप्रकाश के कमरे में बैठकर बाहर की दवाओं की पर्ची बना रहे दो दलालों को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों श्यामा मेडिकल स्टोर व कालभैरव मेडिकल स्टोर से जुड़े थे। दोनों को पुलिस को सौंपते हुए निदेशक ने चिकित्सा अधीक्षक को दोनों मेडिकल स्टोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दोनों डॉक्टरों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सकों के कमरों में दलालों के बैठने के लिए अलग से कुर्सियां लगी हुई थीं। इस पर अधिकारियों का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमएस से पूछा कि इतने जिम्मेदार पद पर रहते हुए आखिर आप कर क्या रहे हैं? अधिकारियों के सवालों का सीएमएस कोई जवाब नहीं दे सके।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में काफी अनियमितताएं मिली हैं। अधिकारियों ने अस्पताल में 50 बेड के नवनिर्मित महिला अस्पताल का भी अवलोकन किया और उसकी धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और सितंबर तक हर हालत में तैयार करने का निर्देश प्रोजेक्ट मैनेजर को दिया।