वाराणसी। शहर में पेयजल संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है। गंगा के जलस्तर में रोजाना चार से पांच सेंटीमीटर गिरावट हो रही है। दो हफ्ते में जलस्तर लगभग 50 सेंटीमीटर कम हुआ है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 57.84 मीटर दर्ज किया गया। यह 2018 को छोड़कर पिछले चार सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। गंगा ने घाटों को छोड़ना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में बरसात नहीं हुई तो जलस्तर और नीचे चला जाएगा।
चार सालों में गंगा का जलस्तर लगातार कम होता गया। 2015 में गंगा का न्यूनतम जलस्तर 58.67 मीटर था, जबकि 2016 में यह 58.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 2017 में ये घटकर 58.27 मीटर रह गया। 24 अप्रैल 2018 को यह आठ सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा और जलस्तर 58.10 मीटर रिकॉर्ड हुआ। ये रिकॉर्ड भी टूट गया और 25 मई 2018 तक सेंट्रल वाटर कमीशन ने जलस्तर बनारस में 57.84 मीटर रिकॉर्ड किया। गुरुवार को भी गंगा का जलस्तर 57.84 मीटर दर्ज किया गया।
जलकल विभाग के अधिकारियों ने आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा गंभीर होने के अनुमान लगाया है। पानी की आपूर्ति करने वाले भदैनी वाटर स्टेशन पर मौजूद चार में से दो पंप ने काम करना बंद कर दिया है। बचे दो पंप भी काफ ी मुश्किल से चल रहे हैं। जलकल कर्मियों का कहना है कि गंगा में पानी कम होने के कारण मोटर पानी नहीं उठा रहे हैं।