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जो सूचनाएं मांग रहे हैं, वह आप लेने के अधिकारी नहीं

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वाराणसी। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली में दर्ज किए गए मुकदमे के विवेचक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से जिन सवालों का जवाब मांग रहे हैं, उसे मांगने के वह अधिकारी नहीं है। यह जवाब लोक सेवा आयोग के संयुक्त सचिव ने मुकदमे के विवेचक सीओ पिंडरा को दिया है। साथ ही बताया है कि इस संबंध में लोक सेवा आयोग की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। 17 जून को याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा और जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। उधर, जिला जेल में निरुद्ध आयोग की निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की न्यायिक अभिरक्षा 14 दिन के लिए अदालत ने बढ़ा दी है।
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प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने मई के आखिरी हफ्ते में जुलाई 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली का भंडाफोड़ किया था। मामले में प्रश्न पत्र छापने वाला प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार और निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। तफ्तीश के सिलसिले में विवेचक ने लोक सेवा आयोग को सवालों की सूची सौंप कर जवाब मांगा था।
बुधवार को विवेचक सीओ पिंडरा अनिल राय प्रयागराज स्थित लोक सेवा आयोग के कार्यालय गए और संयुक्त सचिव से पूछा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 91 के तहत मांगे गए सवालों के जवाब देने पर आनाकानी क्यों की जा रही है। इस पर संयुक्त सचिव ने विवेचक को बताया कि पुलिस के पास यह अधिकार नहीं है कि वह आयोग से सवाल-जवाब कर सकेे। आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज के लिए गाइडलाइन निर्धारित हैं। सीओ पिंडरा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, अंजू कटियार को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाए जाने पर वापस जिला जेल में दाखिल कर दिया गया।
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