वाराणसी। रामनगर स्थित राजकीय बाल गृह (बालक) में रह रहे किशोरों का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें किशोर शौचालय साफ करते, सफाई करते और आटा गूंथते दिखे। मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है। वहीं, सुधार गृह के केयर टेकर और जिला प्रोबेशन अधिकारी ने वायरल वीडियो को पूरी तरह से फर्जी बताया है।
भटकते हुए मिलने वाले बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से राजकीय बाल गृह (बालक) में रखा जाता है। मौजूदा समय में बाल गृह में 72 किशोर रह रहे हैं। इनमेें से 26 किशोरों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। सोमवार को सोशल मीडिया पर किशोरों का टॉयलेट साफ करने, सफाई करने और आटा गूंथने का वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है। दो एनजीओ द्वारा बाल गृह में समर कैंप का आयोजन किया गया है। बच्चों को स्वास्थ्य, साफ सफाई सहित अन्य रचनात्मक कार्य सिखाए जा रहे हैं। संभवत: उसी का वीडियो बनाकर उसे गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उधर, मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। वीडियो की जांच कराई जाएगी और जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।