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अब बरसात के बाद ही मिलेगा साफ पानी

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वाराणसी। जल संकट गहराता जा रहा है। गंगा के गिरते जलस्तर के कारण जल संस्थान के पंप भी हांफने लगे हैं। पानी की किल्लत के साथ दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या झेल जनता को राहत दिलाने के लिए जलकल संस्थान के पास भी विकल्प नहीं हैं। अधिकारियों कहा कहना है कि अब बरसात के बाद ही साफ पानी मुहैया हो सकेगा। इसके अलावा गंगा के जलस्तर में सुधार होने पर ही जल संकट से राहत मिल पाएगी। जलकल विभाग के जेई लोगों को 10 दिन और इंतजार करने को कह रहे हैं।
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आदमपुर जोन के भारद्वाजी टोला और चौहट्टा लाल खां समेत आसपास के इलाके में चार महीने से दूषित जलापूर्ति हो रही है। शिकायत के बाद भी यहां स्थिति नहीं सुधरी। बड़ी गैबी व तुलसीपुर इलाके में सुबह व शाम पानी आता है तो एक घंटे तक गंदे पानी की आपूर्ति होती है। यहां के लोगों का कहना है कि पानी में बदबू बहुत है। यह पानी कपड़े साफ करने लायक भी नहीं है। अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं। पुराने पुल के इलाके में भी कई दिनों से पानी की किल्लत है। यहां अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। सोनकर बस्ती व सोनातालाब इलाके का भी यही हाल है। तेलियाबाग इलाके में बीते एक महीने से पानी की आपूर्ति ठप है। यहां जलकल विभाग की ओर से रोजाना सिर्फ एक टैंकर पानी भेजा जाता है। सिकरौल, सारनाथ, शिवपुर, जैतपुरा, लहरतारा, चेतगंज, लक्ष्मणपुर गिलट बाजार आदि क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
बनारस में गंगा का जलस्तर लगातार दूसरे साल नीचे जा रहा है। गंगा का जलस्तर 191.4 फीट तक पहुंच गया जो न्यूनतम जलस्तर से महज दो फीट अधिक है। गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुए गंगा से शहर के लिए जलापूर्ति में लगभग 10 एमएलडी की कमी कर दी गई है। भदैनी स्थित जलकल के दोनों पंप 65 से 70 फीसदी ही पानी उठा पा रहे हैं। भेलूपुर स्थित जलकल के भूमिगत जलाशय में 108 से 110 एमएलडी पानी की भेजा जा रहा है। सप्ताह भर पहले यह मात्रा 115 से 120 एमएलडी थी।
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