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वृद्धा की हत्या को लेकर मंडुवाडीह थाने पर हंगामा, सड़क जाम

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वाराणसी। रोहनिया थाना अंतर्गत बसंतपट्टी गांव में बोरे में भर कर फेंके गए वृद्धा के शव के मामले को लेकर रविवार को परिजनों ने मंडुवाडीह थाने पर हंगामा करते हुए मंडुवाडीह-मुढ़ैला मार्ग पर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष मंडुवाडीह ने 24 घंटे में हत्यारों की धरपकड़ का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। सभी ने चेताया है कि 24 घंटे में हत्यारे नहीं पकड़े गए तो पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। हालांकि हत्या की वजह क्या हो सकती है, इसे लेकर परिजन भी कुछ नहीं बता सके।
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बसंतपट्टी गांव में खेत के किनारे शनिवार की शाम बोरे में एक वृद्धा का शव मिला था। आशंका जताई गई है कि वृद्धा का गला दबाने के बाद पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर पर तेजाब छिड़का गया है। रविवार को वृद्धा की शिनाख्त सरकारीपुरा की इंद्रावती पाल (72) के तौर पर हुई तो परिजन मंडुवाडीह थाने पहुंचे। वृद्धा के बेटे दूध कारोबारी जयप्रकाश पाल ने बताया कि उसकी मां गुरुवार को घर से बाहर निकली तो वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी पता न लगने पर शुक्रवार को मंडुवाडीह थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजनों के अनुसार इंद्रावती को कुछ लोग किसी वाहन से सरकारीपुरा से उठा ले गए और हत्या कर दी। इंद्रावती की शिनाख्त न हो सके, इसके लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल कर जलाने की कोशिश की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की बजाय मामले की लीपापोती कर रही है।
मंडुवाडीह क्षेत्र की वृद्धा चंपा देवी की हत्या भी इंद्रावती देवी के जैसे ही की गई थी। 17 मई की सुबह फुलवरिया क्षेत्र में चंपा देवी का शव बोरे में भर कर फेंका हुआ मिला था। इंद्रावती और चंपा देवी के घर के बीच बमुश्किल सौ से डेढ़ सौ मीटर का फासला है। दोनों की हत्या का तरीका भी कमोबेश एक जैसा ही है। पुलिस के अनुसार दोनों वारदातों में एक ही अभियुक्त का हाथ हो सकता है। वहीं, चंपा देवी और उसके बाद अब इंद्रावती की हत्या से मंडुवाडीह क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। क्षेत्रीय लोगोें के अनुसार यह किसी सिरफिरे या फिर तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ने वाले किसी इंसान की करतूत है।
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