वाराणसी। लोकसभा चुनाव में प्रचार के मामले में भाजपा सबसे आगे रही। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रत्याशी थे और नामांकन के बाद वे नहीं आए, मगर पार्टी ने उनके चुनाव प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंक दी। वाराणसी संसदीय सीट पर आचार संहिता के दौरान ली गई अनुमति में आधे से ज्यादा भाजपा ने ली। कांग्रेस भी भाजपा से मुकाबला करने के लिए मैदान में डटी रही और कुल परमिशन की एक तिहाई अनुमति के जरिए जनता के बीच पहुंची। उधर, सपा-बसपा गठबंधन ने इनके मुकाबले बहुत ही कम कार्यक्रमों की अनुमति ली।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों को किसी भी तरह के आयोजन के लिए अनुमति लेनी होती है। एडीएम सिटी विनय कुमार को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया था। आवेदन के 24 घंटे में अनुमति जारी करने का प्रावधान था। वाराणसी संसदीय सीट पर कुल 631 आयोजनों की अनुमति ली गई। इसमें सर्वाधिक भाजपा की ओर से 326 कार्यक्रमों की अनुमति ली गई और जनसभा, रैली, नक़्कड़ सभा सहित हर तरह के आयोजन किए गए। कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के लिए 196 कार्यक्रमों की अनुमति जारी हुईं। इन्होंने भी मतदाताओं से संपर्क के लिए रैली, रोड शो, नुक्कड़ सभा सहित अन्य कार्यक्रम किए। सपा गठबंधन प्रत्याशी शालिनी यादव की ओर से महज 24 आयोजनों की अनुमति मांगी गई, इसमें सीरगोवर्धन में संयुक्त रैली और अन्य कार्यक्रम शामिल थे। एडीएम सिटी विनय कुमार ने बताया कि चुनाव के दौरान आवेदन पर नियमानुसार अनुमति दी गई। जिनके जितने आवेदन आए, उन पर निर्णय लिया गया।