वाराणसी। बीएचयू में एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या की जांच कर रही लंका पुलिस ने बिहार के सीवान निवासी प्रशांत तिवारी उर्फ चूचा को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा। पुलिस के अनुसार प्रशांत गौरव की हत्या का अहम सूत्रधार है। पिटने के बाद प्रशांत एलबीएस हॉस्टल में रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम और पवन मिश्रा को गौरव के खिलाफ भड़काता रहता था। गौरव को गोली मारे जाने के दौरान प्रशांत बिड़ला ए चौराहे से कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़ा था और फिर बिहार भाग गया था।
इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि 12वीं पास प्रशांत बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल से दलालों को पकड़ कर गौरव के पास ले जाता था। दलालों की पिटाई कर उनसे प्रतिमाह रुपये तय किए जाते थे। प्रशांत को लगा कि सारी मेहनत वह करता है और उसे ही पैसा कम मिलता है तो उसने गौरव से दूरी बना ली। इसके बाद प्रशांत की करीबी रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम और पवन मिश्रा से हुई। इस बीच वह गौरव को पैसा देने वाले तीन दलालों को पकड़कर कुमार मंगलम और उसके दोस्तों के पास ले गया। यह जानकारी जब गौरव को हुई तो उसने प्रशांत को एलबीएस हॉस्टल में रखकर तीन दिन तक पिटाई की। प्रशांत जब छूटा तो कुमार मंगलम और उसके दोस्तों के पास पहुंचा। कुमार मंगलम और पवन मिश्रा ने गौरव की हत्या की साजिश रची तो प्रशांत भी उसमें शामिल हो गया। इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि प्रकरण में वांछित रावण उर्फ राजा दुबे की तलाश में छापेमारी जारी है।
बिडला ए चौराहा के पास दो अप्रैल की देर शाम गौरव सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में अब तक कुमार मंगलम, रूपेश तिवारी, आशुतोष त्रिपाठी और प्रोफेसर उर्फ सनी उर्फ रूपेश वर्मा को पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि विनय द्विवेदी ने अदालत में समर्पण कर दिया था।