वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल परिसर में ‘सेंटर्स ऑफ एक्सिलेंस’ का शुभारंभ किया। साथ ही आईटीओसी (इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल ऑफिस कांपलेक्स), प्रोजेक्शन शो, नए बदलाव के बाद वस्त्र संग्रहालय और ऐप की शुरुआत की। वाराणसी और भदोही सहित विभिन्न जनपदों की साड़ी, कालीन और काष्ठ कला आदि प्रमुख उत्पादों से संबंधित स्टालों का भ्रमण भी किया। विभिन्न योजनाओं के चुनिंदा लाभार्थियों को किट टूल व प्रमाण पत्र प्रदान किए।
संकुल स्थित म्यूजियम के सामने एमफी थियेटर में प्रधानमंत्री बनारस, भदोही व पूर्वांचल के बुनकरों और हस्त शिल्पियों से रूबरू हुए। उन्होंने एनआईओएस के प्रशिक्षित 100 लोगों में से राधा देवी, नीलू देवी, लालमणि, मोहम्मद सिराज, विनय प्रकाश मौर्य को प्रमाण पत्र दिए। पीएम ने गोद लिए गांव जयापुर की रुखसाना, अजोरा, हीरामणि, आरती विश्वकर्मा व राजेश कुमार, आशिकी कुमारी, आराधना, शंकर प्रसाद, दिव्या व सुषमा को आधुनिक लूम व वर्क शेड का प्रमाण पत्र दिया।
प्रधानमंत्री ने संकुल में बुनकराें, शिल्पियों को एलॉट 55 आउलेट की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने इन आउटलेट को ‘सेंटर्स ऑफ एक्सिलेंस’ की संज्ञा दी। एंफी थियेटर पहुंचने से पहले उन्होंने टेक्सटाइल म्यूजियम गैलरी भी देखी।
पीएम मोदी ने वस्त्र मंत्रालय के विभिन्न कार्यालयों को एक ही भवन में स्थापित करने के लिए 28 करोड़ से 10,345 वर्ग मीटर भूखंड पर बने जी3 भवन आईओटीसी का लोकार्पण किया। नए बदलाव वाले वस्त्र संग्रहालय की शुरुआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘काशी : यूनिवर्स ऑफ क्राफ्ट्स एंड टेक्सटाइल्स’ एवं ‘इंडियन टेक्सटाइल्स: हिस्ट्री, स्प्लेंडर ग्रैंड्यूर’ पुस्तक का विमोचन किया। ऐप की लांचिंग भी की। प्रमुख सचिव आरके सिंह ने पीएम को जरूरी जानकारियां दीं। इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी भी उपस्थित रहे।