वाराणसी। राख से बनी सामग्री का उपयोग बढ़ाने के लिए नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) वाराणसी में फ्लाई ऐश डिपो बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से ईंट निर्माण, ईंट के ब्लॉक और टाइल्स बनाने वाले उपयोगकर्ताआें को राख उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही 100 किमी तक राख परिवहन के लिए पूरा और 300 किमी तक आधा खर्च एनटीपीसी उठाएगा। गुरुवार को इसकी घोषणा एनटीपीसी की ओर से राख उपयोगकर्ताओं और ईंट भट्ठा मालिकों के सम्मेलन में की गई।
क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक केके सिंह ने बताया कि वाराणसी के बाद देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी ऐेसे डिपो खोले जाएंगे। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने कहा कि आम जनता को राख के उपयोग की जानकारी दी जानी चाहिए। सरकारी निर्माण कार्य में भी राख का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए, ताकि मिट्टी का दोहन कम हो। महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि राख निर्माण कार्य पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। सड़क निर्माण व सीमेंट कंपनी में इसका इस्तेमाल हो रहा है। मकान निर्माण में भी इसकी संभावनाएं हैं।
सोनभद्र के डीएम अमित कुमार, एनटीपीसी के ईडी पीके सिन्हा, विंध्याचल परियोजना के ईडी अजित तिवारी, सिंगरौली परियोजना के सीजेएम डी सेन, रिहंद के सीजेएम ए मुखर्जी ने विचार रखे। इस दौरान ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष केके पाठक ने राख से बनी ईंट को जीएसटी से मुक्त रखने का सुझाव रखा। यह भी कहा कि मिक्सर मशीन पर सब्सिडी दी जाए। सम्मेलन का संचालन प्रीति सिन्हा ने किया।