रामनगर। शास्त्री गेट के समीप जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर के हेड कांस्टेबल रामवृक्ष सिंह (54) के उपचार के दौरान बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। वहीं, मामले में वांछित पुराना रामनगर निवासी चचेरे भाई मंटू यादव और दीपक यादव ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। मामले में प्रिंस पटेल और दो अज्ञात की रामनगर पुलिस को तलाश है। उधर, रामवृक्ष सिंह को भुल्लनपुर पीएसी में शोक सलामी और श्रद्धांजलि देने के बाद शव को परिवारीजनों को सौंप दिया गया।
आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के छतउर निवासी हेड कांस्टेबल रामवृक्ष सिंह बीते दो फरवरी से रामनगर किला में तैनात थे। 16 फरवरी को हेड कांस्टेबल रामवृक्ष सिंह और शिवप्रसाद पाल सरकारी कामकाज से किले के बाहर जा रहे थे। थोड़ी ही दूर जाने पर शास्त्री गेट के समीप बाइक सवार दो युवकों ने टक्कर मारी तो रामवृक्ष और उनके साथी जवान ने आपत्ति जताई। इसी बात पर दोनों युवकों ने चाय दुकानदार मंटू यादव के साथ मिलकर दोनों जवानों के साथ मारपीट शुरू कर दी। साथ ही, रामवृक्ष के सिर पर लोहे के स्टूल से हमला कर सभी भाग निकले। गंभीर रूप से घायल रामवृक्ष को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान सोमवार की सुबह डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले को लेकर हेड कांस्टेबल शिवप्रसाद पटेल की तहरीर पर प्रिंस, मंटू, दीपक और दो अज्ञात के खिलाफ रामनगर थाने में हत्या के प्रयास और बलवा सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में थानाध्यक्ष रामनगर ने बताया कि दर्ज मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम कर प्रिंस और उसके दो अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। उधर, रामवृक्ष की मौत के बाद उनकी पत्नी कांति देवी और बड़े बेटे अमित सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवारीजनों ने रामवृक्ष दो बेटियों और दो बेटों के पिता थे।