वाराणसी। सक्रिय पुलिसिंग के लिए शासन से जिले स्तर तक तमाम दावों की हकीकत चौंकाने वाली है। लंका थाने के निरीक्षण पर गुरुवार को पहुंचे एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज वहां असलहों में जंग लगा देख हैरान रह गए। न कागजात-रजिस्टर दुरुस्त, न साफ-सफाई। अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारियां परखीं तो और भी चिंताजनक हालात सामने आए। थानांतर्गत कार्यरत तीन पुलिस चौकियों के प्रभारी असलहे लेकर ठीक तरीके से पोजीशन ही नहीं ले पाए। वहीं, महिला कांस्टेबल रायफल ही नहीं संभाल सकीं। एसएसपी ने थाने की गोपनीय पुस्तिका मांगी तो उसका भी कहीं अता-पता नहीं था। गोपनीय पुस्तिका, कहां-किस हालत में है न थानाध्यक्ष बता पाए न दीवान।
नाराज एसएसपी ने थानाध्यक्ष, दीवान समेत अन्य अधीनस्थों को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान थानाध्यक्ष की गोपनीय पुस्तिका न मिलने पर दो दिन के भीतर जांच कर सीओ भेलूपुर को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। सही तरीके से रायफल नहीं पकड़ पाने वाली महिला कांस्टेबल को पुलिस लाइन में हफ्ते भर की ट्रेनिंग का निर्देश दिया। असलहों के समुचित रखरखाव की हिदायत दी। सही तरीके से पोजिशन न ले पाने वाले रमना, संकटमोचन और नगवां चौकी प्रभारी को हिदायत दी। बेकार पड़े इलेक्ट्रानिक उपकरणों और कबाड़ वाहनों को निस्तारण के लिए पुलिस लाइन भेजने के निर्देश दिए। मालखाना और कार्यालय में सफाई व्यवस्था मुकम्मल करने के निर्देश दिए। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि आमजन से पूरी शालीनता से पेश आएं। किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। गश्त को लेकर पुलिसकर्मी कोताही न बरतें।