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छोटे साउंड सिस्टम लेकर चल सकेंगे कांवरिया

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वाराणसी। सावन मेले से पहले योगी सरकार ने शिव भक्तों को बड़ी राहत दी है। 10 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मेले में कांवरिए कम ध्वनि वाले छोटे साउंड सिस्टम लेकर चल सकेंगे लेकिन डीजे पर पहले की ही तरह प्रतिबंध जारी रहेगा। साथ ही, छोटे साउंड सिस्टम भी रात नौ से सुबह छह बजे के बीच नहीं बजाए जा सकेंगे। सोमवार को सावन मेले की तैयारियों का जायजा लेने यहां आए प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह ने यह जानकारी दी। बताया कि नौ जुलाई से सात अगस्त तक एनएच-टू की इलाहाबाद से वाराणसी की ओर आने वाली लेन कांवरियों के लिए आरक्षित रहेगी। काशी और इलाहाबाद की निगहबानी सावन भर ड्रोन कैमरे से की जाएगी। कांवरिया रूटों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और जगह-जगह पुलिस हेल्प डेस्क सेंटर बनाए जाएंगे।
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आयुक्त सभागार में तैयारियों की समीक्षा के बाद मीडिया से मुखातिब दोनों आला अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जिन रास्तों पर खुदाई या अन्य काम चल रहे हैं, उन्हें सात जुलाई तक हर हाल में पैदल चलने योग्य बना दिया जाए। बताया कि सात जुलाई से सावन खत्म होने तक सड़कों पर खुदाई से संबंधित नए काम नहीं होंगे। कांवर यात्रा से संबंधित रूटों पर चौबीसों घंटे पानी, बिजली, चिकित्सा सेवा और पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिलाधिकारी की होगी। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, बिजली विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। कहा कि श्रद्धालुओं को पीने के पानी, शौचालय, सफाई, प्रकाश और चिकित्सा सेवाओं को लेकर किसी तरह की दिक्कत न आने पाए। रेलवे और रोडवेज को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पहले से ही जरूरी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग कांवरिया सेवा शिविरों में औचक छापेमारी कर तस्दीक करेेगा कि भोजन सही बन रहा है या नहीं।
सुरक्षा चौकसी के लिए सिविल डिफेंस से जुड़े लोगों और पुलिस मित्रों की भी मदद ली जाएगी। कांवरिया शिविरों की निगरानी के लिए कांवरियों की वेशभूषा में पुलिस कर्मी तैनात होंगे। खुफिया एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सूचनाएं संकलित करेंगी। सभी थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ निगरानी में मुस्तैद रहेंगे। सोशल मीडिया या कहीं भी अफवाह फैलाने वालों को तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, एडीजी जोन बी महापात्रा, एडीजी जोन इलाहाबाद एसएन सावत, आईजी रेंज दीपक रतन, मिर्जापुर और आजमगढ़ रेंज के डीआईजी, डीएम योगेश्वर राम मिश्र, जोन के दस जिलों के साथ ही इलाहाबाद व रेलवे के पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद दोनों आला अधिकारियों ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
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प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी के प्रमुख निर्देश
- कांवर रूट और शिवालयों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाएं।
- जगह-जगह हेल्प डेस्क सेंटर हो और वहां पुलिस अधिकारियों और कंट्रोल रूम के नंबर हों।
- कांवर रूट पर स्थित निजी अस्पतालों भी कांवरियों के उपचार की व्यवस्था हो।
- कांवर रूट पर यूपी 100 की पीआरवी और सरकारी एंबुलेंस तैनात करें। एंबुलेंस में एंटी स्नैक वेनम जरूर हों।
- कांवर रूट के संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समितियों की बैठकें की जाएं।
- शिवालयों में श्रद्धालुओं से पुलिसकर्मी दुर्व्यवहार न करेें और अपने परिचितों को जल्दी दर्शन कराने के लिए व्यवस्था न बिगाड़ें।
- सभी डीजे संचालकों से बांड भरवा लिए जाएं कि वे सावन में कांवरियों को अपना साउंड सिस्टम नहीं देंगे।
- सावन ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नियमित अंतराल पर बदलती रहे।
- बिजली विभाग की देखरेख में कांवरिया शिविरों में अस्थायी कनेक्शन दिए जाएं।
- जिले की कांवर समितियों को डीएम-एसएसपी चिह्नित कराकर उनकी नियमित बैठक कराएं।
- जोन के सभी दस जिलोें के पुलिस अधीक्षक और डीएम एक-दूसरे के नियमित संपर्क में रहें और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते रहें।
- रोडवेज या अन्य सवारी वाहन चालक किसी भी सूरत में नशे में या फिर अनियंत्रित गति में वाहन न चलाएं। औचक निरीक्षण कर ये सुनिश्चित कराएं।
- बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए हेल्प डेस्क सेंटर हो। रेलवे स्टेशन पर आखिरी समय में ट्रेन के प्लेटफार्म बदलने की सूचना न प्रसारित की जाए।
- नगर निगम, नगर पालिका व पंचायतों के अधिकारी जलापूर्ति के पेयजल की हर सप्ताह सैंपलिंग कराएं।
- जल निगम और जिला पंचायत कांवर यात्रा के रूटों के किनारे के हैंडपंप को तत्काल दुरुस्त करा लें।
- गंगा घाटों पर चौबीसों घंटे प्रकाश की व्यवस्था और बैरिकेडिंग हो। सावन भर गंगा घाटों पर जल पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल और एनडीआरएफ के जवानों के साथ स्थानीय गोताखोर भी तैनात रहें।
छोटे साउंड सिस्टम के ध्वनि के मानक

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवरिया जो छोटे साउंड सिस्टम लेकर चलेंगे उसकी ध्वनि की तीव्रता औद्योगिक क्षेत्र में सुबह छह से रात नौ बजे तक 75 डेसिबल होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में 65 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 डेसिबल और साइलेंस जोन में 50 डेसिबल होगी। बता दें कि कांवरिए अधिकतर जो साउंड सिस्टम लेकर चलते हैं, वह डीजे नहीं होता लेकिन पुलिस उसे डीजे ही मानती है। जबकि डीजे यानी डिस्क जॉकी किसी संगीतमय पार्टी में डांस फ्लोर, लाइटिंग और साउंड के पूरे सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए होता है।
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