यूपी के छह शहरों में मेट्रो के संचालन के प्रोजेक्ट को मंजूरी अब नई पॉलिसी बनने के बाद ही मिल सकेगी। देश में मेट्रो के प्रोजेक्टों की संख्या बढ़ने के बाद अब केंद्र सरकार नई पॉलिसी पर काम कर रही है।
ऐसे में यूपी के भी इन छह शहरों के प्रोजेक्ट अटक गए हैं। इनमें कानपुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद और गोरखपुर शामिल हैं।
बनारस में यहां पहले चरण में बीएचयू से भेल तक और दूसरे चरण में बेनियाबाग से सारनाथ तक मेट्रो कारीडोर बनाया जाना है। 29 किमी लंबे कारीडोर में 10 किमी से अधिक भूमिगत मेट्रो सेवा होगी।
बृहस्पतिवार को लखनऊ मेें मीडिया से रूबरू मेट्रोमैन और प्रदेश सरकार के मेट्रो प्रोजेक्ट में मुख्य सलाहकार ई श्रीधरन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार नई मेट्रो पॉलिसी बना रही है।
इसमें तय किया जा रहा है कि भविष्य में प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और उनके संचालन के लिए क्या नियम-कायदे होंगे? इस नई पॉलिसी के बनने के बाद ही यूपी के छह शहरों की मेट्रो को मंजूरी मिल पाएगी। यूपी के छह शहरों के साथ ही विजयवाड़ा और त्रिवेंद्रम के भी मेट्रो प्रोजेक्ट इस नई पॉलिसी के इंतजार में फंसे हुए हैं।
ई. श्रीधरन ने बताया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी यूपी के अधिकतर शहरों में मेट्रो चलाने के पक्ष में हैं। उन्होंने लखनऊ के अलावा बाकी शहरों में भी मेट्रो चलाए जाने के प्रोजेक्ट की जानकारी भी ली है। उन्हें अब तक हुए अपडेट के बारे में बता दिया गया।
पांच शहरों की मेट्रो के प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार से अनुमति मिल चुकी है। अब केंद्र सरकार की अनुमति मिलनी बाकी है। वहीं गोरखपुर के लिए राइट्स इंडिया से सर्वे शुरू करा दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार को प्रोजेक्ट अनुमति के लिए भेजा जाएगा जो पहले ही अपनी सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है।