लहरतारा पुल से भदऊं चुंगी तक सड़कों पर 150 से अधिक गड्ढे राहगीरों की जान का दुश्मन बने हुए हैं। इन जर्जर सड़कों ने न केवल जाम लग रहा है बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के मन में शहर की खराब छवि भी बन रही है। पांच किलोमीटर से भी कम दूरी से आधा घंटे की दूरी तय करने में घंटे-डेढ़ घंटे लग रहे हैं। गर्मी और उमस के बीच जनता को ये परेशानी रोजाना उठानी पड़ रही हैं लेकिन जिम्मेदारों को कोई परवाह नहीं। डीएम विजय किरन आनंद ने हालांकि शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है लेकिन पांच दिन में ये गड्ढे पाट दिए जाएंगे, हालात को देख ऐसा होना मुमकिन नहीं लगता। बारिश से पहले सड़कें दुरुस्त न हुईं तो ये गड्ढे जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
गड्ढों के चलते लगने वाले जाम में जनता रोजाना पसीने से तरबतर हो रही है और अधिकारी एसी की ठंडी हवा खा रहे हैं। सुबह से रात तक लहरतारा से चौकाघाट तक जाम लग रहा है। कैंट फ्लाईओवर के विस्तार का काम जब से शुरू हुआ है, तब से दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। कैंट स्टेशन के सामने तो पूरे दिन जाम लग रहा है। पुल के लिए पिलर बनना है। पिलर के लिए अंधरापुल से कैंट मालगोदाम के बीच कई गड्ढे खोदे गए हैं। निर्माण कार्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि जाम झेलते-झेलते लोग पस्त हो जाते हैं।
लहरतारा पुल से अंधरापुल के बीच हालात सबसे अधिक खराब हैं। सड़क के गड्ढों के चलते यहां दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। दरअसल, चौकाघाट फ्लाईओवर के विस्तार के लिए सेतु निगम की ओर से बेतरतीब निर्माण कराए जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सर्विस रोड क्षतिग्रस्त है, सुरक्षा मानकों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। मालगोदाम के पास गड्ढों के चलते हालात ऐसे कि कब दुर्घटना हो जाए कोई ठीक नहीं। कार्यस्थलों के आसपास ठीक से बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है।
यही हाल कैंट तिराहे के पास कमलापति इंटर कॉलेज के पास का है। रोडवेज और अंधरापुल के पास गड्ढे के चलते रास्ता इतना संकरा हो गया है कि बड़ी गाड़ियों के निकलने में समय लग रहा है। पीछे सैकड़ों वाहनों की लाइन लग जा रही है। चौकाघाट से भदऊं चुंगी मार्ग पर सीवर पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की जा रही है। इस पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। जो किसी दिन बारिश से लबालब हो जाएंगे और फिर मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। इस मार्ग पर निर्माण सामग्री भी बेतरतीब ढंग से रखी गई है।