वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर तुलसीघाट पर आयोजित प्रो. वीरभद्र मिश्र अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण अलंकरण समारोह में तीन पर्यावरणविदों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि विकलांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति प्रो. योगेश दूबे ने सम्मान भेंट किया। इस दौरान कुलपति ने पेड़ों की अंधाधुंध कटान रोकने के साथ ही नदियों के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील लोगों से की।
कुलपति ने जाने माने पर्यावरणविद् प्रो.वीरभद्र मिश्र को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार 1980 में गंगा के प्रदूषण की ओर देश का ध्यान केंद्रित किया। कहा कि गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही प्रो. मिश्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रो. दूबे ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया से काशी आकर लगातार संकटमोचन फाउंडेशन के साथ मिलकर नदियों के संरक्षण को लेकर काम करने वाले स्व. कॉल लिनोक्स, पूर्व सभासद स्व. देवदत्त तिवारी और पूर्व सभासद स्व. नारायण मिश्र को मरणोपरांत अलंकरण से नवाजा गया। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो.विश्वंभरनाथ मिश्र ने कहा कि गंगा को बचाना है तो उन्हें नदी नहीं बल्कि मां का सम्मान देना होगा। एनजीटी केंद्र सरकार को चेता रही है कि गंगा के नाम पर पैसा न बहाया जाए। गंगा को पैसे की कोई जरूरत नहीं। इस दौरान सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय, पूर्व ब्लाक प्रमुख भागलपुर दीपक मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।