राजस्व वाद रहित चयनित किए जाएंगे गांव
सोनभद्र। जिले के 1441 गांवों मे से उन गांवों को चयनित किया जाएगा जो राजस्व वाद रहित है। प्रत्येक तहसील के उन गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां राजस्व से संबंधित कोई मुकदमा नहीं होगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को निर्देश जारी किए हैं ।
बताते चले कि अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र में अधिकांश अशिक्षित लोग निवास करते है। दुरूह-पहाड़ी क्षेत्रों में छोटी-छोटी बात को लेकर लोग विवाद कर लेते है। तीनों तहसीलों में सर्वाधिक राजस्व से संबंधित मुकदमे है। कई गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि राजस्व मुकदमों को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने उन गांवों में सर्वाधिक विकास कार्य कराने का निर्णय लिया जो गांव राजस्व वाद रहित है। जिले में 1441 राजस्व गांव है। इनमें राबर्ट्र्सगंज में 796 गांव, दुद्धी में 299 और घोरावल तहसील क्षेत्र में 346 गांव है। इन गांवों में ऐसे गांवों को आदर्श गांव के रूप में चयनित किया जाएगा, जिन गांवों मेें राजस्व से संबंधित कोई मुकदमा नहीं है। डीएम ने तीनों तहसील के एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को ऐसे गांवों का चयन करने के लिए निर्देशित कर दिया है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि जिन गांव में राजस्व से संबंधित कोई मुकदमा नहीं होगा उन गांवों को आदर्श गांव के रूप मेें चयनित किया जाएगा। इसके लिए तहसीलस्तर के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। राजस्व वाद रहित गांवों में पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा समेत अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। सभी एसडीएम को अविलंब आदर्श गांवों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।