जिलाधिकारी डाॅ. दिनेशचंद्र की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई।
जिलाधिकारी ने कुल 143 परियोजनाओं की समीक्षा की। अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को बताया कि कार्य पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन कोई प्रमाणिक दस्तावेज न दे सके। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने विधायक व सांसद निधि से कराए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिया कि विधायक और सांसद निधि के कार्य तभी पूर्ण माने जाएंगे, जब विभाग उपयोगिता प्रमाणपत्र दे। द्वितीय किस्त की मांग करें या लिखकर दे कि उन्हें अब और बजट की आवश्यकता नहीं है।
जिलाधिकारी ने आरडीएसएस योजना के तहत कराए गए कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही आरडीएसएस योजना के तहत कार्यवार रिपोर्ट न देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कि कहा कि अगले 15 दिन के भीतर परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराए। ताकि सभी कार्यों का सत्यापन कराया जा सके। जिलाधिकारी ने बिलिंग एजेंसी को भी अगली बैठक में बुलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि त्रुटि वाले बिलों के प्रकरण में बिल निकलने से पहले और बाद की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए।
जिलाधिकारी ने विस्तार से लाइन लास, विद्युत आपूर्ति, क्षमतावृद्वि आदि की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने कार्यशैली में परिवर्तन लाते हुए समयबद्ध कार्य करें। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विद्युत अधिकारी अपने मोबाइल में जनप्रतिनिधियों का मोबाइल नंबर अवश्य फीड करें और विद्युत से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल निस्तारण किया जाए। इस मौके पर सीडीओ साई तेजा सीलम, परियोजना निदेशक केके पांडेय आदि उपस्थित रहे।