गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर गांव में 30 अक्तूबर को 16 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की निर्मम हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने पुलिस की कार्यशैली की जांच का आदेश दिया है। यह आदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ.गजेंद्र सिंह यादव द्वारा पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद दिया गया।
अनुराग यादव पर उनके पड़ोसी ने उस समय तलवार से हमला किया था जब वह सुबह अपने घर के बाहर दातून कर रहा थ्ज्ञा। हमलावर ने अनुराग का सिर धड़ से अलग कर दिया था। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद के इस मामले में पुलिस ने लगातार उनकी शिकायतों को अनसुना किया और आरोपियों को संरक्षण दिया। कहा कि उन्होंने कई बार थाने, सीएम पोर्टल व डायल 112 पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अनुराग की बहन ने आरोपी पक्ष के तमंचा लहराने का वीडियो भी बनाया था, फिर भी पुलिस खामोश रही।
डॉ.गजेंद्र सिंह यादव ने मानवाधिकार आयोग से अपील की थी कि पुलिस द्वारा अब तक की गई सभी कार्रवाइयों की जांच की जाए और घटना से पहले पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल्स की समीक्षा की जाए, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई आरोपी पुलिसकर्मियों के संपर्क में तो नहीं था।
आयोग ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, जौनपुर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे मामले की गहराई से जांच कर रिपोर्ट 13 दिसंबर तक आयोग को प्रस्तुत करें। साथ ही, मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए घटना के दिन तैनात सभी पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण करने की भी मांग की गई है, ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।