वाराणसी। फर्जी हॉलमार्क लगाने वाले चार केंद्रों पर बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। ठठेरी बाजार, रेशम कटरा, कर्णघंटा और सूड़िया स्थित इन केंद्रों पर बिना लाइसेंस के ही हॉलमार्क लगाया जा रहा था। इनसे लेजर मशीन, कंप्यूटर और साफ्टवेयर सहित हॉलमार्क लगे गहने आदि जब्त किए गए हैं। इन्हें न्यायालय में बतौर साक्ष्य पेश किया जाएगा।
चंडीगढ़ स्थित बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) को शिकायत मिली कि वाराणसी के अलग-अलग क्षेत्रों में फर्जी तरीके से गहनों पर हॉलमार्क लगाया जा रहा है। इस पर कार्रवाई के लिए लखनऊ शाखा कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। महानिदेशक भारतीय मानक ब्यूरो के निर्देश पर चार टीमें बनाई गईं। मंगलवार को टीम के लोग मेसर्स मां अन्नपूर्णा हॉलमार्किंग सेंटर ठठेरी बाजार, मेसर्स जय वैष्णव टंच सेंटर रेशम कटरा, मेसर्स बालाजी टंच सेंटर कर्णघंटा व मेसर्स एसएमएम हॉलमार्किंग सेंटर सूड़िया में उपभोक्ता बनकर पहुंचे और आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाते लोगों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
सभी केंद्रों से लेजर मशीनें, कंप्यूटर, लैपटॉप, हॉलमार्क वाले साफ्टवेयर व हॉलमार्क लगाए हुए गहने भी जब्त कर लिए। केंद्रों का संचालन करने वालों की आईडी और रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया। इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। कार्रवाई के दौरान चौक इंस्पेक्टर के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीमों का नेतृत्व लखनऊ शाखा के वैज्ञानिक सी प्रभुनाथ यादव, वैज्ञानिक सी सत्येंद्र कुमार पांडेय, वैज्ञानिक सी दिव्यांशु यादव और वैज्ञानिक सी अजय मौर्या ने किया।
12 कैरेट सोने को 22 कैरेट का प्रमाण
चारों केंद्रों पर बिना लाइसेंस के हॉलमार्क लगाया जा रहा था। 12 कैरेट सोने वाले आभूषणों को भी हॉलमार्क लगाकर 22 कैरेट का शुद्ध बताया जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं को चूना लग रहा था। बीआईएस की टीम अब न्यायालय में सारे साक्ष्य पेश करेगी।
यह होता है नियम
ग्राहकों तक सही आभूषण पहुंचें, इसके लिए कई नियम बनाए गए हैं। आभूषणों पर चार तरह के मार्क लगाए जाते हैं। इसमें बीआईएस, शुद्धता, शुद्धता जांचने वाली फर्म और विक्रेता के प्रतिष्ठान के मार्क शामिल हैं। फर्जी हॉलमार्क लगाने के मामले में कम से कम दो लाख जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान है।
कार्रवाई के दौरान मचा रहा हड़कंप
पूर्वांचल की सराफा मंडी काशी में है। यहां आभूषण गलाने और आकर्षक बनाने आदि का काम होता है। यहीं से विभिन्न जिलों के सराफा कारोबारी गहने ले जाते हैं। मंगलवार को अचानक हुई कार्रवाई से सराफा मंडी में हड़कंप मचा रहा। कई सराफ अपने प्रतिष्ठान के शटर गिराकर खिसक गए।