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विभागवार आरक्षण के विरोध में हंगामा, बंद कराई दुकानें

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वाराणसी। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में शिक्षक भर्ती में विभागवार आरक्षण के विरोध में छात्रों, शिक्षकों ने बीएचयू और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में जमकर हंगामा मचाया। बीएचयू कैंपस में विश्वनाथ मंदिर के पास की दुकानों को बंद कराकर विरोध मार्च निकालते हुए सिंह द्वार पहुंचे। यहां मुख्य द्वार जाम कर सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए इस पर अध्यादेश लाने की मांग की। उधर, काशी विद्यापीठ परिसर में छात्रों ने पहले घूम-घूम कर कक्षाएं स्थगित कराईं, फिर गेट के बाहर दुकान बंद कराकर रोडवेज बस स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया।
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नियुक्ति में विभागवार आरक्षण का विरोध पिछले कई दिनों से चल रहा है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होने के बाद पांच मार्च को भारत बंद का आह्वान किया गया था। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के क्रम में बीएचयू में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रों ने दोपहर में परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के आसपास की दुकानों को बंद कराया, इससे अफरा-तफरी मच गई। यहां से निकलकर छात्र बीएचयू सिंह द्वार पहुंचे और वहां भी दुकानों को बंद कराकर विरोध जताया। इस दौरान मौजूद प्रो. एमपी अहिरवार, प्रो. चौथीराम यादव के साथ ही रामायण, रविंद्र भारती आदि ने सरकार को आरक्षण विरोधी बताया। मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े रहे। दोपहर करीब ढाई बजे आंदोलन समाप्त हुआ। उधर, काशी विद्यापीठ में डॉ. मिथिलेश गौतम, मनीष शर्मा, सुनीता प्रजापति, विमलेश यादव ने कहा कि सवर्ण आरक्षण और आदिवासियों को जमीन से बेदखली के फरमान से सरकार जरूरतमंदों का हक मार रही है।
सरदार सेना ने निकाली पदयात्रा
उधर, सरदार सेना ने भी कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क से आरक्षण को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस कचहरी से वरुणापार, नदेसर, मिंट हाउस होते हुए वापस अंबेडकर पार्क पर जाकर समाप्त हुआ। पदयात्रा में डॉ. आरएस पटेल, सुधीर सिंह, सुरेश वर्मा, अशोक पटेल, सत्येंद्र, अवधेश रेड्डी, डॉ. आरके वर्मा और धर्मदास, जय कुमार पटेल, एड. सुब्रत पटेल सहित आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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