वाराणसी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस की नजर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे लोगों पर भी है जो समाज में सामान्य तरीके से रह कर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं और अपराध से जुड़े लोगों के नियमित संपर्क में रहते हैं। इसके लिए एसएसपी ने एलआईयू, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की खुफिया टीम गठित की है। तीनों टीमें ऐसे संदिग्धों की थानावार रिपोर्ट एसएसपी को देंगी और फिर चिह्नित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने थानेदारों को कहा है कि ऐसे लोगोें को अभी से चिह्नित कर सूचीबद्ध कर लिया जाए जो लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी फैला सकते हैं। इसके तहत मतदाताओं को मादक पदार्थ देकर, जातीय या धार्मिक उन्माद फैला कर, नगदी देकर या किसी अन्य तरीके से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित कर सकने वाले लोगों की गतिविधियों की विशेष निगरानी की ताकीद की गई है। वहीं, सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने का जिम्मा एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को सौंपा है। क्राइम ब्रांच की ओर से सौंपी गई सूची के आधार पर सक्रिय अपराधियों के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया फ्रेंड्स बनाएगी पुलिस
सोशल मीडिया की निगरानी की जिम्मेदारी एसएसपी ने साइबर सेल को सौंपी है। कहा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने व दुष्प्रचार करने वालों और किसी भी राजनीतिक दल या उसके नेताओं को कलंकित करने वाली बात सामने आए तो उसकी पुष्टि कर मुकदमा दर्ज करने में देर न की जाए। इस काम में आमजन की सक्रिय सहभागिता और मदद के लिए पुलिस की ओर से थाना स्तर पर सोशल मीडिया फ्रेंड्स बनाए जाएंगे। यह फ्रेंड अपने क्षेत्र के लोगों की सोशल मीडिया की गतिविधि पर नजर रखेंगे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की बात सामने आने पर सूचना सीधे थानाध्यक्ष को देंगे।