वाराणसी। आईआईटी (बीएचयू) तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिये ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ शुरू करेगा। तीन दिवसीय इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट-सोसायटी कान्क्लेव के दूसरे दिन वाराणसी परिक्षेत्र के लगभग सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और भदोही के उद्यमियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।
प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे आयोजन बहुत जरूरी हैं। संयुक्त निदेशक उद्योग उमेश सिंह ने उद्योग विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सरकारों के प्रयास से अवगत कराया। आईआईए के मंडल अध्यक्ष आरके चौधरी ने क्षेत्र के उद्योगों में आ रही तकनीकी समस्याओं तथा उद्यमियों के प्रयासों की जानकारी दी। अब्दूल हादी ने कालीन उद्योग में पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट किया और आईआईटी (बीएचयू) से उस क्षेत्र में सहयोग की मांग की। प्रथम सत्र में राजेश भाटिया, अब्दुल हादी तथा राजेश सिंह, प्रो. राजीव प्रकाश ने अपने विचार रखे।
द्वितीय सत्र में सभी उद्यमियों ने अपने व्यापार में आने वाली चुनौतियों को लिखित रूप से दर्ज कराया। इस सत्र के उपरांत अलग-अलग श्रेणियों के उद्योग प्रतिनिधियों ने विस्तार से तकनीकी समस्याओं को प्रस्तुत किया। इस परिचर्चा में पालिमार उद्योग, कागज उद्योग, रसायन उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि संयत्र इत्यादि के समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। तृतीय सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने सहभागियों के प्रति आभार जताया तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि संस्थान उनके साथ है और सभी प्रकार की तकनीकी समस्याओं का समाधान करेंगे। संस्थान अपने संसाधनों के बल पर उद्योगों के कच्चे माल, उत्पाद व प्रदूषण प्रबंधन की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ बनाने जा रहा है।