वाराणसी। शहर की 400 से अधिक अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। इन्हें विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों और जमीन के मालिकों से विकास शुल्क वसूला जाएगा। प्रमुख सचिव (आवास एवं शहरी नियोजन) नितिन रमेश गोकर्ण ने ये आदेश सोमवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण की बैठक में दिए। रीयल इस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) में रजिस्ट्रेशन कराए बगैर जमीन-मकान की बिक्त्रस्ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी उन्होंने दिए।
उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों को लेकर शासन की ओर से वर्ष 2001, 2003, 2008 एवं 2018 में जारी नीति एवं समय समय पर जारी दिशा निर्देश के अनुरूप कार्रवाई की जाए। इसमें अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वाले और कॉलोनी की जमीन के मालिकों से विकास शुल्क की वसूली कर कॉलोनियों का संपूर्ण विकास किया जाए। अगर किसी कॉलोनी का कॉलोनाइजर नहीं है तो उस कॉलोनी में बने आवासों के मालिकों से ही शुल्क वसूली कर विकास कार्य कराया जाए। वीडीए के अनुसार वाराणसी में वर्ष 2011 में हुए सर्वे में कुल 212 अवैध कॉलानियां मिली थीं, वहीं इस समय इनकी संख्या 400 से भी अधिक हो गई है। वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही अवैध कॉलोनियों का सर्वे कराया जाएगा।
ये भी दिए निर्देश
बिना रीयल इस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) में रजिस्ट्रेशन कराए बगैर जमीन-मकान की बिक्त्रस्ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे बिल्डर्स व कॉलोनाइजर्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ जांच की जाए, ताकि अवैध कॉलोनियों पर रोक आसानी से लग सके। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में सौ फीसदी लक्ष्य हासिल करने के लिए जल्द जमीन का चयन करने को कहा। बैठक में डीएम सुरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, वित्त नियंत्रक विजय कुमार, एक्सईएन राजकुमार, लेखाधिकारी शिवकुमार तिवारी, सहायक नगर नियोजक मनोज कुमार, ओएसडी रंजना अवस्थी सहित कई लोग उपस्थित रहे।