गोपीगंज। कोतवाली पुलिस की हिरासत में ऑटो चालक रामजी मिश्र की मौत के मामले में लाइन हाजिर किए गए कोतवाल सुनील वर्मा के खिलाफ रविवार की देर रात हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई मृतक की बेटी की तहरीर पर की गई। साथ ही इस प्रकरण में गोपीगंज चौकी इंचार्ज को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
फूलबाग निवासी ऑटो चालक रामजी मिश्र अपने भाई के साथ जमीन के विवाद की शिकायत करने शुक्रवार की दोपहर गोपीगंज कोतवाली पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उनकी समस्या सुलझाने की बजाय उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद लाकअप में उनकी मौत हो गई थी। इस पर मृतक के घर वालों ने पुलिस पर बिना लिखापढ़ी के लॉकअप में डालने और मारने-पीटने के कारण मौत होने का आरोप लगाया था। धीरे-धीरे मामले ने तूल पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी ने प्रभारी कोतवाली सुनील कुमार वर्मा को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही एएसपी को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं, जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया। इस मामले में रविवार को देर रात मृत ऑटो चालक की बेटी रेनू मिश्र की तहरीर पर गोपीगंज कोतवाली में लाइन हाजिर कोतवाल सुनील वर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, प्रकरण को लेकर सवालों में घिरे गोपीगंज चौकी इंचार्ज अखिलेश्वर सिंह यादव पर भी गाज गिर गई। सोमवार को एसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। इसमें जो कोई भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।