ज्ञानपुर। जिले में अबकी बार गेहूं की बंपर खरीद हुई है। 13 हजार 500 मीट्रिक टन (एमटी) लक्ष्य के सापेक्ष करीब 26 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, इसके बावजूद किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 26 हजार एमटी गेहूं में 16,640 एमटी गेहूं निगम को भेजा जा चुका है और नौ हजार एमटी से अधिक गेहूं अब भी क्रय केंद्रों पर पड़ा है।
जिले में एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई। इसके लिए पीसीएफ के 11, विपणन के पांच, शिवाय समिति के पांच समेत कुल 23 क्रय केंद्र खोले गए थे। वर्ष 2017 में गेहूं खरीद काफी कम होने के कारण इस बार शासन से मात्र 13,500 एमटी खरीद का लक्ष्य रखा था। अच्छी पैदावार होने के कारण इस बार कुल 25,917 एमटी गेहूं की खरीद हुई। करीब ढाई महीने तक चली खरीद के दौरान किसानों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ा। क्रय केंद्रों पर जगह न होने, बोरियों की कमी और पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर लचर व्यवस्था से भी परेशान होना पड़ा। किसानों को गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ीं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने जिले के 6175 किसानों से गेहूं खरीदा गया है। इसके बदले उन्हें 45 करोड़ का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि 16,640 एमटी गेहूं भारतीय खाद्य निगम को भेजा जा चुका है। अब भी क्रय केंद्रों पर करीब नौ हजार एमटी गेहूं पड़ा है, जिसे निगम को भेजने की प्रक्रिया चल रही है। बरसात शुरू होने से पहले उसे भेजा जाएगा।