वहिदानगर। कोइरौना थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव के पास स्थित गंगा किनारे संदिग्ध हाल में हुई साधु की मौत के रहस्य से एक महीने बाद भी पर्दा न उठने से ग्रामीणों में रोष है। लोगों का कहना है कि लापता युवा संन्यासी की लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस कारगर तफ्तीश कर राजफाश नहीं कर रही।
बीते एक साल पहले असम से आकर सीतामढ़ी क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट पर कुटिया बनाकर एक साधु साधना में लीन हो गए थे। उन्हें खड़ेश्वरी बाबा के नाम से क्षेत्र में जाना जाता था। एक महीने पूर्व 18 मई को कुटिया से थोड़ी दूरी पर उनका शव पड़ा हुआ मिला था। उनके आधे शरीर को जानवरों ने क्षत विक्षत कर दिया था। इससे शव की पहचान नहीं हो पाई थी। साधु की मौत के बाद से ही ग्रामीण उनकी हत्या की आशंका जताते हुए प्रकरण की जांच की मांग कर रहे हैं। लेकिन, एक महीने बीतने के बाद भी पुलिस उनकी मौत का राज नही सुलझा पाने से गांव वालों में रोष है। शनिवार को प्रकाश सिंह, बादशाह तिवारी, राजनाथ पाल, देवी प्रसाद, सूबेदार सिंह, रविन्द्र पाल आदि लोगों ने पुलिस कप्तान से साधु की मौत के रहस्य की जल्द खुलासे की मांग की।