वाराणसी। डुबकिया स्थित 400/220/132 केवी उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाने के दौरान शुक्रवार को दो जिलों वाराणसी व गाजीपुर की बिजली आपूर्ति साढ़े आठ घंटे ठप रही। विद्युत व्यवधान के चलते दोनों जिलों की करीब 60 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित रही।बिजली न होने से पानी के ळिए भी हाहाकार मच गया। रेलवे, मोबाइल, इंटरनेट समेत जरूरी सेवाओं को सुचारु रखने के लिए विकल्प के तौर पर गजोखर, साहूपुरी व मऊ से इमरजेंसी आपूर्ति जा रही है। मरम्मत का काम शनिवार को भी होगा। इस नाते सुबह 10 से 5 बजे तक बिजली गुल रहेगी। इस वजह से घरों में पानी का इंतजाम कर लें, ताकि नहाने, धोने और खान पकाने के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
चौबेपुर के डुबकिया स्थित पारेषण इकाई में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के दौरान पहले दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5:35 बजे तक पावर सप्लाई इस कदर प्रभावित हुई कि शहर वासियों का जनजीवन बेपटरी हो गया। समस्या तब और बढ़ गई जब शाम को सप्लाई चालू होने के बाद अचानक लोड बढ़ऩे से कुछ मोहल्लों में ब्रेक डाउन हो गया। इसके चलते उन मोहल्लों के उपभोक्ताओं को कटौती की दोहरी मार झेलनी पड़ी। बहरहाल शट डाउन का असर बनारस ही नहीं बल्कि बलिया और गाजीपुर जिले सहित पूर्वांचल के दूसरे इलाकों पर भी पड़ा। कटौती के चलते पानी का भी संकट गहरा गया। अधीक्षण अभियंता इमादुद्दीन खान ने बताया कि डुबकिया में 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। इसके बस कप्लर को जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मौके पर उच्चाधिकारियों के साथ ही 30 इंजीनियर व दर्जनों मजदूर लगे हैं। काम शनिवार की शाम तक पूरा होगा। जनता को राहत देने के लिए कुछ फीडरों से इमरजेंसी सप्लाई की व्यवस्था की गई है। रेलवे को साहूपुरी से निरंतर आपूर्ति की जा रही है जबकि गाजीपुर का 80 फीसदी इलाका बिजली से वंचित रहा।